कॉल करें WhatsApp

मांगलिक दोष क्या है? विवाह पर इसका वास्तविक प्रभाव व उपाय

मांगलिक दोष के शास्त्रीय नियम, भ्रांतियों का निवारण एवं वैवाहिक सुख के सरल उपाय

भारतीय समाज में जब भी किसी युवक या युवती के विवाह की बात चलती है, तो सबसे अधिक चर्चा और भय 'मांगलिक दोष' (Mangal Dosh) को लेकर देखा जाता है। कई बार अल्पज्ञानी ज्योतिषी लोगों को इतना डरा देते हैं कि अच्छे-अच्छे रिश्ते टूट जाते हैं। परंतु क्या मांगलिक दोष सचमुच इतना भयावह है?

मांगलिक दोष की शास्त्रीय परिभाषा

ज्योतिष शास्त्र के प्रसिद्ध श्लोक के अनुसार:
"लग्ने व्यये च पाताले जामित्रे चाष्टमे कुजे। कन्या भर्तुर्विनाशाय भर्तुश्च कन्या विनाशिनी॥"

अर्थात जन्म लग्न से प्रथम (लग्न), चतुर्थ, सप्तम, अष्टम अथवा द्वादश (12वें) भाव में मंगल स्थित हो, तो कुण्डली मांगलिक मानी जाती है। मंगल ऊर्जा, साहस, पराक्रम और रक्त का कारक ग्रह है। जब यह वैवाहिक या सुख भावों में बैठता है, तो जातक के स्वभाव में उग्रता, हठ और त्वरित निर्णय लेने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है।

मांगलिक परिहार: दोष कब स्वतः समाप्त हो जाता है?

महर्षि पराशर के अनुसार कुण्डली में 50% से अधिक मामलों में मांगलिक दोष का परिहार (Cancellation) हो जाता है:

  • यदि मंगल अपनी स्वराशि (मेष, वृश्चिक) या उच्च राशि (मकर) में स्थित हो।
  • यदि वर या वधू में से किसी एक की कुण्डली में मंगल दोष हो और दूसरे की कुण्डली में उसी भाव में शनि, राहु या सूर्य स्थित हो।
  • यदि देवगुरु बृहस्पति की शुभ दृष्टि मंगल पर पड़ रही हो।
  • यदि जातक की आयु 28 वर्ष से अधिक हो चुकी हो।

गुण मिलान व विवाह समाधान

केवल मांगलिक होने से विवाह बाधित नहीं होता। माँ गुरु आश्रम में पूज्य महर्षि आलोक आनंद जी दोनों पक्षों की कुण्डली के अष्टकूट गुण मिलान, गृह दशा एवं मंगल की वास्तविक स्थिति का सूक्ष्म अध्ययन कर उपयुक्त सात्विक उपाय बताते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

हाँ, यदि गैर-मांगलिक साथी की कुण्डली में शनि, राहु या सूर्य उसी भाव में हों अथवा गुरु की शुभ दृष्टि मंगल पर हो, तो मांगलिक दोष स्वतः समाप्त (Cancel/Parihar) हो जाता है।

शास्त्रों के अनुसार 28 वर्ष की आयु के पश्चात मंगल की उग्रता में प्राकृतिक रूप से कमी आती है और उसका वैवाहिक जीवन पर दुष्प्रभाव अत्यंत न्यून हो जाता है।
महर्षि आलोक आनंद
लेखक: पूज्य महर्षि आलोक आनंद जी

संस्थापक – माँ गुरु आश्रम, डुमरिया घाट (गोपालगंज, बिहार)

वैदिक विवाह ज्योतिष, गुण मिलान एवं ग्रह दोष निवारण के अनुभवी ज्योतिषी।